
चेरापूंजी का वर्तमान मौसम

22.6°C72.6°F
- वर्तमान तापमान: 22.6°C72.6°F
- वर्तमान महसूस होने वाली तापमान: 24.8°C76.6°F
- वर्तमान आर्द्रता: 79%
- न्यूनतम तापमान/अधिकतम तापमान: 18.9°C66°F / 22.6°C72.6°F
- हवा की गति: 0.7km/h
- हवा की दिशा: ↑ पश्चिम उत्तर पश्चिमसे
(डेटा समय 00:00 / डेटा प्राप्ति 2025-08-29 22:45)
चेरापूंजी का मौसम से संबंधित संस्कृति
भारत में जलवायु के प्रति सांस्कृतिक और मौसम संबंधी जागरूकता विविध क्षेत्रों और धर्मों/पारंपरिक आयोजनों के साथ निकटता से जुड़ी हुई है, जो जीवन के सभी पहलुओं पर प्रभाव डालती है।
मौसम की भावना और जीवनशैली
मौसम की विविधता
- उत्तरी सर्दियाँ बर्फबारी के करीब तापमान लाती हैं, इसलिए हीटर और ऊनी कपड़े आवश्यक होते हैं।
- दक्षिणी और तटीय क्षेत्रों में उष्णकटिबंधीय मानसून जलवायु होती है, जिसमें साल भर उच्च तापमान और आर्द्रता रहती है, इसलिए हवा पार करने वाले कॉटन कपड़े पसंद किए जाते हैं।
धार्मिक आयोजन और मौसम की जागरूकता
मौसम और धार्मिक आयोजनों का संबंध
- बसंत का होली महोत्सव (मार्च) शीतल जलवायु में रंगीन पाउडर लगाकर बारिश से पहले की खुशी को दर्शाता है।
- शरद का दीवाली (अक्टूबर-नवंबर) एक शुष्क मौसम में आता है और रात के आसमान में आतिशबाज़ी का आनंद लेने के लिए उपयुक्त होता है।
खाद्य संस्कृति और जलवायु के अनुकूलन
मौसम के अनुसार खाद्य सामग्री का चयन
- गर्मी में आम, नारियल और पानी की अधिकता के लिए दही आधारित पेय (लस्सी) आम होते हैं।
- सर्दी में गर्म दाल (दाल सूप) और मसालों वाली चाय पीने की आदत होती है।
पारंपरिक वस्त्र और मौसम का अनुकूलन
सुविधा और सामग्री का चयन
- साड़ी और कुर्ता जैसे कपड़े मौसम के अनुसार हवा पार करने और गर्म रखने वाले विभिन्न सामग्रियों का उपयोग करते हैं।
- उत्तरी क्षेत्रों में ऊनी शॉल (पश्मीना) सर्दी से बचाव के लिए, जबकि दक्षिणी क्षेत्रों में हल्के कॉटन दुपट्टे धूप से बचाव के लिए उपयोग किए जाते हैं।
प्राकृतिक आपदाओं की तैयारी
मानसून और आपदा प्रबंधन संस्कृति
- वर्षा काल (जून-सितंबर) में भारी बारिश के लिए छत मरम्मत और अच्छे जल निकासी की सुविधाएँ पहले से तैयार की जाती हैं।
- क्षेत्र अनुसार स्थापित वर्षा मीटर और सामुदायिक कुएँ के प्रबंधन से निवासियों में स्वैच्छिक आपदा प्रबंधन की जागरूकता बढ़ती है।
सारांश
तत्व | सामग्री उदाहरण |
---|---|
मौसम की भावना | उत्तरी क्षेत्र की चतुर्मासिकता/दक्षिणी उष्णकटिबंधीय जलवायु |
धार्मिक आयोजन | होली, दीवाली जैसे जलवायु के अनुसार होने वाले आयोजन |
खाद्य संस्कृति | लस्सी, दाल, मौसम के खाद्य सामग्री का उपयोग |
वस्त्र | मौसम सामग्री का चयन (कॉटन, रेशम, ऊन) |
आपदा जागरूकता | वर्षा काल की तैयारी के जल निकासी सुविधाएँ, क्षेत्रीय वर्षा मीटर प्रबंधन |
भारत की जलवायु संस्कृति, क्षेत्र विशेष की मौसम संबंधी स्थितियों और लंबी परंपरा के आयोजनों के संगम से एक विस्तृत और अनुकूली विशेषता रखती है।