सूडान में विशाल भौगोलिक क्षेत्र में उष्णकटिबंधीय से रेगिस्तानी जलवायु तक विभिन्न जलवायु क्षेत्रों का समावेश है, और चारों ऋतुएँ मुख्य रूप से तापमान परिवर्तन और बारिश के मौसम तथा शुष्क मौसम की लय के अनुसार विकसित होती हैं। यहाँ प्रत्येक ऋतु की जलवायु विशेषताएँ और पारंपरिक तथा आधुनिक प्रमुख कार्यक्रमों और संस्कृति के साथ उनके संबंध को संक्षेप में प्रस्तुत किया गया है।
वसंत (मार्च से मई)
जलवायु की विशेषता
- तापमान: दिन में उच्चतम तापमान 40℃ से अधिक हो सकता है, जोकि अत्यंत गर्म अवधि है।
- वर्षा: लगभग वर्षा नहीं होती। यहां धूल भरी तूफान (हबूब) उत्पन्न होने की संभावना है।
- विशेषता: शुष्क तेज़ हवा और धूल। लंबे समय तक धूप का समय और तेज़ पराबैगेनी का स्तर।
प्रमुख कार्यक्रम और संस्कृति
महीना |
कार्यक्रम |
विवरण/जलवायु के साथ संबंध |
मार्च |
नुबा जनजाति की पशु हलचल (सीज़न की शुरुआत) |
शुष्क मौसम के अंत में मैदान की खोज में पशुपालक घूमते हैं। जल स्रोत की खोज और मवेशियों का प्रबंधन मुख्य है। |
अप्रैल |
इस्लामी कैलेंडर समारोह की तैयारी |
रमजान से पहले की सामग्री खरीदारी और घर की सफाई। उच्च तापमान और शुष्कता के कारण लंबे समय तक सुरक्षित खाद्य सामग्री की आवश्यकता बढ़ जाती है। |
मई |
रमजान (परिवर्तन) |
उपवासी होने पर दिन का गर्मी शरीर पर बोझ बन जाता है। इफ्तार (इफ्तार) सूर्यास्त के बाद की ठंडक का उपयोग करता है। |
गर्मी (जून से अगस्त)
जलवायु की विशेषता
- तापमान: उत्तर में अत्यधिक गर्म, दक्षिण में थोड़ी आरामदायक लेकिन उमस भरी।
- वर्षा: दक्षिण और मध्य क्षेत्रों में बारिश का मौसम आता है। जून के मध्य से सितंबर तक वर्षा का अत्यधिक प्रवाह होता है (सालाना वर्षा में अधिकांश)।
- विशेषता: नील नदी के ऊपरी क्षेत्र में बाढ़ का संकेतन। वनीकरण और कृषि कार्य का चरम।
प्रमुख कार्यक्रम और संस्कृति
महीना |
कार्यक्रम |
विवरण/जलवायु के साथ संबंध |
जून |
बारिश का मौसम शुरू |
कृषि समुदाय धान और तिल की खेती के लिए बोनी करते हैं। वर्षा के अनुसार कृषि कार्य किया जाता है। |
जुलाई |
फसल की तैयारी |
अनाज बढ़ने के चरम में पहुँचता है, गांव के समुदाय में सामूहिक कार्य सक्रिय होता है। |
अगस्त |
इस्लामी अवल अल-अधहा (कुर्बानी का त्योहार, परिवर्तन) |
मवेशियों की स्वास्थ्य स्थिति का मूल्यांकन कर, कुर्बान के लिए तैयार किए गए भेड़ और गाय की सर्वोत्तम स्थिति होती है। |
पतझड़ (सितंबर से नवंबर)
जलवायु की विशेषता
- तापमान: बारिश के मौसम के बाद धीरे-धीरे कम होता है। दिन में लगभग 35℃, रात में अपेक्षाकृत ठंडा।
- वर्षा: सितंबर के अंत तक बार-बार वर्षा होती है, अक्टूबर के बाद शुष्क मौसम में परिवर्तन।
- विशेषता: वायुमंडल साफ होता है, और घास के मैदान पुनः उगते हैं। फसलों की कटाई का समय।
प्रमुख कार्यक्रम और संस्कृति
महीना |
कार्यक्रम |
विवरण/जलवायु के साथ संबंध |
सितंबर |
बारिश का मौसम समाप्ति उत्सव (स्थानीय कार्यक्रम) |
बारिश के मौसम की सफलताएँ मनाने वाला उत्सव। चौक पर सभा और लोक नृत्य होते हैं। |
अक्टूबर |
सर्गम (बाजरा) कटाई उत्सव |
मुख्य खाद्य फसलों में से एक बाजरे की कटाई का उत्सव। शुष्क मौसम की तैयारियाँ शुरू होती हैं। |
नवंबर |
ख़ार्तूम मैराथन |
ठंडे और स्थिर मौसम का लाभ उठाते हुए नागरिक मैराथन। यह पर्यटन को भी बढ़ावा देता है। |
सर्दी (दिसंबर से फरवरी)
जलवायु की विशेषता
- तापमान: दिन में लगभग 25℃, रात में 10℃ से नीचे ठंडा होने वाले क्षेत्र भी।
- वर्षा: लगभग वर्षा नहीं होती है। धुंध और रात की ओस बनती है।
- विशेषता: लगातार साफ मौसम, नील नदी की क्रूजिंग और पर्यटन के लिए आदर्श।
प्रमुख कार्यक्रम और संस्कृति
महीना |
कार्यक्रम |
विवरण/जलवायु के साथ संबंध |
दिसंबर |
ख़ार्तूम अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेला |
बाहरी स्टालों सहित बड़े आयोजन। सूखे और धूप वाले मौसम का लाभ उठाते हुए आयोजित होता है। |
जनवरी |
स्वतंत्रता दिवस (1 जनवरी) |
सूडान की स्वतंत्रता का जश्न मनाने वाला राष्ट्रीय पर्व। ठंडी जलवायु में परेड और कार्यक्रम आयोजित होते हैं। |
फरवरी |
नुबियाई सांस्कृतिक मेला |
नील नदी के किनारे नुबियाई क्षेत्र में पारंपरिक नृत्य और संगीत का प्रदर्शन। सुखद जलवायु अनुकूल होती है। |
मौसम कार्यक्रम और जलवायु का संबंध सारांश
ऋतु |
जलवायु की विशेषता |
प्रमुख कार्यक्रमों के उदाहरण |
वसंत |
अत्यधिक तापमान, शुष्कता और धूल भरी तूफान |
नुबा जनजाति की पशु हलचल, रमजान की तैयारी |
गर्मी |
दक्षिण में बारिश का मौसम और बाढ़ का संकेतन |
बारिश के मौसम की शुरुआत कृषि, कुर्बानी का त्योहार (अधहा) |
पतझड़ |
बारिश के मौसम का अंत, ठंडी हवा और फसल का समय |
बारिश का मौसम समाप्ति उत्सव, बाजरे का कटाई उत्सव, ख़ार्तूम मैराथन |
सर्दी |
सूखा, साफ मौसम और ठंडी रातें |
अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेला, स्वतंत्रता दिवस, नुबियाई सांस्कृतिक मेला |
अतिरिक्त जानकारी
- सूडान के अधिकांश कार्यक्रम इस्लामी कैलेंडर पर आधारित होते हैं, इसलिए प्रत्येक साल ग्रेगोरियन कैलेंडर के महीने बदलते हैं।
- कृषि संस्कृति गहरी जड़ें रखती है, और बारिश के मौसम की शुरुआत और फसल का समय स्थानीय समुदाय के त्योहारों से सीधे संबंधित होता है।
- शुष्क मौसम की सुखद जलवायु पर्यटन और बाहरी कार्यक्रमों को सक्रिय करने का एक कारक है।
- नील नदी के जल स्तर में परिवर्तन पारंपरिक रूप से बाढ़ के त्योहारों जैसे सांस्कृतिक आयोजनों से जुड़े हुए हैं।
सूडान के ऋतुएँ और कार्यक्रम जलवायु लय के साथ गहराई से जुड़े हुए हैं, और कृषि, धर्म, और स्थानीय संस्कृति की विविध गतिविधियों का समर्थन करती हैं।